" बचे हुए पृष्ठ " - बुराई और अव्यवस्था को आईना वरिष्ठ पत्रकार - लेखक डॉ. रामपाल श्रीवास्तव की सद्य: प्रकाशित पुस्तक "बचे हुए पृष्ठ" इक्यावन आलेखों का संग्रह है जिसे शुभदा बुक्स, साहिबाबाद ने प्रकाशित…
बारंबार पढ़े जाएँगे " पढ़े जाते हुए शब्द " " पढ़े जाते हुए शब्द " हिंदी के यशस्वी कवि दिलजीत दिव्यांशु की चयनित कविताओं का संग्रह है, जिसका संपादन किया है वरिष्ठ कवि एवं…
"त्राहिमाम युगे युगे"- ज्वलंत विसंगतियों का आईना त्राहिमाम युगे युगे (उपन्यास)लेखक - राम पाल श्रीवास्तव प्रकाशक -न्यू वर्ल्ड पब्लिकेशन नई दिल्ली प्रथम संस्करण -2024मूल्य -425 रुपए यह चिरंतन सत्य है कि मृत्यु का निर्धारण…
“अँधेरे के ख़िलाफ़”-जैसे मैंने समझा वरिष्ठ लेखक आदरणीय राम पाल श्रीवास्तव जी का काव्य संग्रह “अँधेरे के ख़िलाफ़” कुछ दिनों पहले प्राप्त हुई थी. समय अभाव के कारण पढ़ न…
संघर्षों में जीवन रस की तलाश है " सोख़्ता " अनुभूतियों और संवेदनाओं के कुशल व ख़ूबसूरत चितेरे, हिन्दी के प्रतिष्ठित रचनाकार अख़लाक़ अहमद ज़ई का उपन्यास " सोख़्ता " कमाल का है | इसे…
लाजवाब है "अर्धवृत्त में घूमता सूरज" विनोद अनिकेत हिन्दी कविता के देदीप्यमान - जाज्वल्यमान नक्षत्र सदृश हैं। इनकी भाषिक संरचना का जवाब नहीं ! भाषा के विशिष्ट सामर्थ्य को उजागर करने…
राम पाल श्रीवास्तव ‘अनथक’ (विद्वंमुक्तामणिमालिका) संपादक – पवन बख्शी ब्लूजे बुक्स दिल्ली प्रथम संस्करण – 2025 ……………………………… किसी मनुष्य के व्यक्तित्व की पहचान उसकी शारीरिक बनावट अथवा सामाजिक हैसियत से पूर्णतः नहीं हो सकती है Read more…
“नई समीक्षा के सोपान” विधा : समीक्षा संग्रह द्वारा : रामपाल श्रीवास्तव शुभदा बुक्स द्वारा प्रकशित प्रकाशन वर्ष ;2025 मूल्य : 280.00 प्रतिक्रिया क्रमांक : 188 राम पाल श्रीवास्तव जी की समीक्षात्मक पुस्तक “नई समीक्षा Read more…
आज के दौर की प्रशंसात्मक समीक्षाओं भरे साहित्यकाश में रचनाओं के ताने-बाने की कसौटी पर कसती हुई समीक्षा, समालोचना या आलोचना करना समीक्षक या आलोचक के लिए ‘अपने पैरों पर कुल्हाड़ी’ मारने जैसा है क्योंकि Read more…