अतिथि लेखक/पत्रकार

राम पाल जी के व्यक्तित्व और कृतित्व की महत्वपूर्ण पड़ताल 

राम पाल श्रीवास्तव ‘अनथक’ (विद्वंमुक्तामणिमालिका) संपादक – पवन बख्शी ब्लूजे बुक्स दिल्ली प्रथम संस्करण – 2025 ……………………………… किसी मनुष्य के व्यक्तित्व की पहचान उसकी शारीरिक बनावट अथवा सामाजिक हैसियत से पूर्णतः नहीं हो सकती है क्योंकि उसके व्यक्तित्व पर उसके आंतरिक गुणों और आचरण की गहरी छाप पड़ती है जो Read more…

अतिथि लेखक/पत्रकार

“नई समीक्षा के सोपान” का साहित्यिक अवदान 

“नई समीक्षा के सोपान” विधा : समीक्षा संग्रह द्वारा : रामपाल श्रीवास्तव शुभदा बुक्स द्वारा प्रकशित प्रकाशन वर्ष ;2025 मूल्य : 280.00 प्रतिक्रिया क्रमांक : 188 राम पाल श्रीवास्तव जी की समीक्षात्मक पुस्तक “नई समीक्षा के सोपान” निश्चय ही साहित्य के क्षेत्र में उनका एक महत्वपूर्ण योगदान है। उनकी इस Read more…

खबरनामा

कृतियों का धारदार विश्लेषण 

आज के दौर की प्रशंसात्मक समीक्षाओं भरे साहित्यकाश में रचनाओं के ताने-बाने की कसौटी पर कसती हुई समीक्षा, समालोचना या आलोचना करना समीक्षक या आलोचक के लिए ‘अपने पैरों पर कुल्हाड़ी’ मारने जैसा है क्योंकि आज लेखक स्वयं की आत्म-मुग्धता एवं आत्मालाप में ही खोया हुआ है, ऐसे में वह Read more…

अतिथि लेखक/पत्रकार

त्राहिमाम युगे युगे – कालजयी उपन्यास

मेरे उपन्यास ” त्राहिमाम युगे युगे ” की ग्रॉक ( Grok ) पर आदरणीय नरेन्द्र कुमार सिंह (संपादक, “समय सुरभि अनंत”) लिखी गई समीक्षा। बहुत आभार, धन्यवाद संपादक महोदय के साथ ग्रॉक का भी। …… “त्राहिमाम युगे युगे ” – एक कालजयी उपन्यास राम पाल श्रीवास्तव द्वारा लिखित उपन्यास “त्राहिमाम Read more…

अतिथि लेखक/पत्रकार

त्राहिमाम युगे युगे – ग्रामीण भारत का यथार्थ चित्रण 

राम पाल श्रीवास्तव जी का उपन्यास ‘त्राहिमाम युगे युगे’ प्राप्त हुआ है। ‘त्राहिमाम युगे युगे’ एक संस्कृत वाक्यांश है। जिसका अर्थ है– “हे प्रभु, हर युग में मेरी रक्षा करो।” ‘त्राहिमाम युगे युगे’ न्यू वर्ल्ड पब्लिकेशन, नई दिल्ली से प्रकाशित एक बहुत ख़ूबसूरत क़िताब है। जिसकी साज-सज्जा और बाइंडिंग क़ाबिल-ए-तारीफ़ Read more…

अतिथि लेखक/पत्रकार

नई समीक्षा के सोपान – एक उल्लेखनीय प्रतिक्रिया 

राम पाल श्रीवास्तव जी की समीक्षात्मक पुस्तक ‘नई समीक्षा के सोपान’ प्राप्त हुआ है। जिसमें मेरे काव्य संग्रह ‘एक मुश्किल समय में’ पर भी उन्होंने एक आलेख लिखा है। मैं उनका तहेदिल से शुक्रिया अदा करता हूँ। इस समीक्षात्मक कृति में 31 लेख सम्मिलित किए गए हैं। जो भिन्न-भिन्न लेखकों Read more…

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“नई समीक्षा के सोपान” की निष्पक्षता और वस्तुनिष्ठता 

वरिष्ट लेखक पत्रकार रामपाल श्रीवास्तव जी की नवीनतम पुस्तक समीक्षा संग्रह “नई समीक्षा के सोपान ” जिनमें 31 पुस्तकों की ख्यातप्राप्त रचनाकारों द्वारा रचित कविता संग्रह, कहानी संग्रह और उपन्यास शामिल है, की बहुत ही उम्दा समीक्षा की है। पुस्तकों और कविता संग्रह की समीक्षा वास्तव में एक चुनौतीपूर्ण काम Read more…

अतिथि लेखक/पत्रकार

श्याम लाल पथरकट – तराई के महान सेनानी

मेरे पिताजी स्व० श्याम लाल पथरकट की तराई के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों में अग्रिम पंक्ति में गणना की जाती है। उन्होंने जिस साहस और पराक्रम का परिचय दिया और भारत माता को परतंत्रता की बेड़ियों से आज़ाद कराने में जो क़ुर्बानियां दीं , वे उल्लेखनीय,अतुलित और मेरे लिए सदा गौरव का परचम Read more…

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“त्राहिमाम युगे युगे” – एक कालजयी रचना 

राम पाल श्रीवास्तव जी का उपन्यास ‘त्राहिमाम युगे युगे’ प्राप्त हुआ है। ‘त्राहिमाम युगे युगे’ एक संस्कृत वाक्यांश है। जिसका अर्थ है– “हे प्रभु, हर युग में मेरी रक्षा करो।” ‘त्राहिमाम युगे युगे’ न्यू वर्ल्ड पब्लिकेशन, नई दिल्ली से प्रकाशित एक बहुत ख़ूबसूरत क़िताब है। जिसकी साज-सज्जा और बाइंडिंग क़ाबिल-ए-तारीफ़ Read more…

अतिथि लेखक/पत्रकार

“त्राहिमाम युगे युगे” – सच्चाई की खुली दास्तान 

“त्राहिमाम युगे युगे” सच्चाई से रूबरू कराता एक उपन्यास:-जाने माने पत्रकार,कवि,लेखक,अनुवादक व हिंदी,उर्दू,फ़ारसी भाषाओं के सिद्धहस्त कलमकार श्री रामपाल श्रीवास्तव की न्यू वर्ल्ड पब्लिकेशन, दिल्ली से सद्यः प्रकाशित उपन्यास”त्राहिमाम युगे युगे”पढ़ने को मिला।रोचक भाषा शैली व आमजन के सरोकारों से जुड़े विषय वस्तु के कारण जिज्ञाशा जगी तो पढ़ता ही Read more…

खबरनामा

पुस्तक कुछ कहती है 

कहानियों का कारवाँ (उर्दू एवं अरबी की चयनित कहानियाँ) अनुवाद एवं संपादन – राम पाल श्रीवास्तव प्रकाशक – समदर्शी प्रकाशन, साहिबाबाद प्रथम संस्करण – 2024 मूल्य – 200 रुपए ….. उर्दू “कहानियों का कारवाँ” वजही (1635) की प्रतीकात्मक कथा “सबरस” से शुरू होकर सैयद सज्जाद हैदर की कहानी “नाश्ते की Read more…

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मन-मस्तिष्क को झिंझोड़ते हुए

“बचे हुए पृष्ठ ” द्वारा : राम पाल श्रीवास्तव विधा : आलेख शुभदा बुक्स द्वारा प्रकाशित पृष्ठ संख्या : 181 मूल्य : 320.00 समीक्षा क्रमांक :112 समीक्षा का ब्लॉग लिंक : https://atulyakhare.blogspot.com/…/Bache-Huye-Prisht-By… समय समय पर उपजी भिन्न भिन्न राजनीतिक परिस्थितियों एवं उनसे संबद्ध ज़ुदा जुदा परिवेशों पर एवं विभिन्न ज्वलंत Read more…

अतिथि लेखक/पत्रकार

हम मरि जाब, हमरे लिये कोऊ कुछू नाही करत हय !

एक दिन अवधी महारानी ने शोकाकुल होकर मुझसे कहा, ” तू लोग काहे हमार दुरगत करत जात हव ? हमरे लिये कोऊ कुछू नाही करत हय … ऐसन मा हमरे मरैम केत्ती देर हय।” मैंने कहा कि आपने अच्छा किया। हमें ध्यान दिलाया। आप ठीक कहती हैं। हम लोगों ने Read more…

खबरनामा

बलरामपुर को ” पांचों पांडवों ” की याद कब आएगी ?

अमृत महोत्सव चल रहा था , चल रहा है । आमजन में देश की स्वाधीनता के लिए जी तोड़ कोशिश करनेवाले अमर सेनानियों के प्रति बढ़चढ़ कर कृतज्ञता का भाव पाया जाना स्वाभाविक है। अफ़सोस की बात है कि बलरामपुर के अमर शहीदों को सही अर्थों में सम्मान दिया जाना Read more…

खबरनामा

अशफ़ाक़ुल्लाह खां, जिन्होंने शहादत का जाम हंस के पिया

ज़बाने हाल से अशफ़ाक की तुर्बत ये कहती है, मुहिब्बाने वतन ने क्यों हमें दिल से भुलाया है? बहुत अफ़सोस होता है बड़ी तकलीफ़ होती है, शहीद अशफ़ाक की तुर्बत है और धूपों का साया है। शहीद अशफ़ाक उल्लाह खां ने अपनी इस रचना के द्वारा अपनी शहादत का ऐलान Read more…