अतिथि लेखक/पत्रकार

लीक से हटकर ” लालटेनगंज “

” लालटेनगंज ” पढ़ डाली | लीक से थोड़ा हटकर है यह | इसमें अख़लाक़ अहमद ज़ई की 15 कहानियां हैं, जिन्हें वे प्रतिनिधि मानते हैं अर्थात अपनी विभिन्न शैली – शिल्प का अगुआ ! शीर्षक अच्छा है , वरना प्रतिनिधि कहानियों की भीड़ में खोने का ख़तरा और अंदेशा Read more…

अतिथि लेखक/पत्रकार

गंगा की अविरलता का सवाल अब भी बाक़ी है ?

गंगा एवं गाय को ईश्वर का वरदान मानकर दोनों की पूजा की जाती है और दोनों आज भी करोडों लोगों की आस्था की प्रतीक बनी हुयी है। इन दोनों की उत्पत्ति बहुजन हिताय एवं बहुजन सुखाय के लिये हुयी है और दोनों अस्तित्व में आने के बाद से ही निरंतर Read more…

अतिथि लेखक/पत्रकार

ज़ेरे बहस क्यों है लड़कियों की शादी का मुद्दा ?

हमारा देश एक समय में विश्व गुरु माना जाता था और हमारी संस्कृति, हमारा पहनावा, हमारे रीति रिवाज दुनिया से भिन्न हमारे देश की पहचान थे, जिसके सभी  कायल थे। हमारी भारतीय संस्कृति में अपनी नारी को शक्ति एवं बालिकाओं को देवीस्वरूपा तथा धर्म पत्नी गृहलक्ष्मी माना जाता था। अपनी Read more…

अतिथि लेखक/पत्रकार

झूठ – फरेब का सरगना है पाकिस्तान 

  जो लोग कहते हैं कि पुलवामा हमले के बाद हमारी सेना द्वारा की गई जबाबी कारवाई से पाकिस्तान घबड़ा गया है।पाकिस्तान वही पहले वाला ही है उसकी कार्यशैली में कोई बदलाव नहीं आया है बल्कि वह दुनिया भर में झूठ- फरेबों का बादशाह बन गया है।पाकिस्तान की हूकूमत कितने हाथों Read more…

अतिथि लेखक/पत्रकार

सार्थक पहल और सन्देश

पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान की बहानेबाजी एवं आतंकवाद को लगातार प्रोत्साहन एवं पल्लवन देने की स्थितियों को देखते हुए यह आवश्यक हो गया था कि उसे न केवल सबक सिखाया जाए, बल्कि यह संदेश भी दिया जाए कि भारत अब उसकी चालबाजी में आने वाला नहीं है। इसके लिये Read more…

अतिथि लेखक/पत्रकार

यह समृद्धि का कैसा विकास है?

व्यक्ति, समाज एवं राष्ट्र के विकास को नापने का एक ही पैमाना है और वह है समृद्धि। व्यक्ति का विकास मतलब व्यक्ति की समृद्धि और देश का विकास मतलब देश की समृद्धि। समृद्धि का भी अर्थ निश्चित और सीमित कर दिया गया है। पैसों और संसाधनों का अधिकाधिक प्रवाह ही Read more…

अतिथि लेखक/पत्रकार

पाकिस्तान को करारा सबक़ सिखाना ज़रुरी  

जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर  हुए  आतंकी कायराना हमले में  हमारे देश के कई रणबांकुरे सैनिकों की जान चली गई थी।  यह हमला हमारे पड़ोसी देश के आतंकी संगठन जैसे मोहम्मद द्वारा जम्मू कश्मीर की सरजमी से कराया गया है। जम्मू कश्मीर में पनप रहा आतंकवाद Read more…

अतिथि लेखक/पत्रकार

बालिकाओं की घटती संख्या की त्रासदी

देश में हुई 2016 की जनगणना में लड़कों की तुलना में लड़कियों की घटती संख्या के आंकडे़ चैंकाते ही नहीं बल्कि दुखी भी करते हैं। जिस तरह से लड़के-लड़कियों का अनुपात असंतुलित हो रहा है, उससे ऐसी चिन्ता भी जतायी जाने लगी है कि यही स्थिति बनी रही तो लड़कियां Read more…

अतिथि लेखक/पत्रकार

खोखले चुनावी वादे कब तक ?

आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए चुनावी वादों की ऐसी भरपूर बारिश होने लगी है कि लगने लगा है लोकतंत्र नेताओं के लिए ही नहीं, जनता के लिए सचमुच महाकुंभ की तरह है। लेकिन विडम्बना यह है कि ये वादें एवं नारे खोखले होते हैं। किसी समस्या की गहराई में Read more…

अतिथि लेखक/पत्रकार

‘ई वी एम नहीं बैलेट पेपर’ – तरक़्क़ी नहीं तनज़्ज़ुली

एक अमेरिकन साइबर एक्सपर्ट ने, जो भारतीय मूल का है, ई वी एम मशीनों को टैम्पर करने का कथित ख़ुलासा करके देश की सभी बड़ी राजनीतिक पार्टियों को निशाने पर ले लिया है | इस एक्सपर्ट द्वारा ई वी एम मशीनों के साथ छेड़छाड़ के दावों के बीच देश में Read more…

अतिथि लेखक/पत्रकार

सपनों की सुन्दरता पर यक़ीन करें 

सफल जिंदगी के लिये चुनौतियां होना जरूरी है। कुछ चुनौतियों से आप आसानी से पार पा लेते हैं, पर कुछ आपसे खुद को बदलने की मांग करती हैं। कामयाबी इस पर निर्भर करती है कि आप कितने बेहतर ढंग से खुद को बदल पाते हैं? चुनौतियों से पार पाने के Read more…

अतिथि लेखक/पत्रकार

आर्थिक आरक्षण की सुबह

  नरेन्द्र मोदी सरकार ने आर्थिक निर्बलता के आधार पर दस प्रतिशत आरक्षण देने का जो फैसला किया है वह निश्चित रूप से साहिसक कदम है, एक बड़ी राजनीतिक पहल है। इस फैसले से आर्थिक असमानता के साथ ही जातीय वैमनस्य को दूर करने की दिशा में नयी फ़जाएं उद्घाटित Read more…

अतिथि लेखक/पत्रकार

हमें अपनी जड़ों को सींचना होगा

हम सब अच्छे जीवन, सफलता और शुभ-श्रेयस्कर होने की कामना करते हैं लेकिन जीवन तो उतार और चढ़ाव का खेल है। हम सभी कभी न कभी अवसाद और तनाव से आहत होते हैं, तो कभी दुःखों से हमारा साक्षात्कार होता है। दुःखों एवं पीड़ाओं का एहसास निरन्तर बना रहता है। Read more…

अतिथि लेखक/पत्रकार

आतंकी हमले की दसवीं बरसी पर महान संकल्प 

पूरे देश में दस साल पहले बम्बई में हुए आतंकी हमले की दसवीं बरसी पर इस घटना में मारे गये लोगों को भावपूर्ण श्रद्धाजंलि देते हुए उन्हें याद किया गया और इसकी पुनरावृत्ति न होने के लिए कड़ी निगहबानी करने का संकल्प लिया गया। यह हमला पाकिस्तान द्वारा 26/11/2008  में Read more…

अतिथि लेखक/पत्रकार

नहीं चाहिए लूट – खसोट की पत्रकारिता 

पत्रकारिता की शुरुआत मिशन के रूप समाजिक समरसता एवं राष्ट्रीय एकता अखंडता को बनाये रखने के लिए आजादी मिलने के समय की गई थी। वैसे पत्रकारिता के क्षेत्र में नारद जी को पत्रकारिता का आदिगुरु एवं आदिपत्रकार कहा जा सकता है, क्योंकि पहले व्यक्ति थे जो  तीनों लोको का भ्रमण Read more…