अतिथि लेखक/पत्रकार

अयोध्या में 1992 जैसे हालात ?

    अगर प्रौराणिक ग्रन्थों एवं इतिहास को साक्षी मानकर देखा जाय तो यह सही है कि त्रेतायुग में अवध क्षेत्र में विष्णु भगवान ने अपने वायदे के मुताबिक अयोध्या के चक्रवर्ती सम्राट प्रथम आदिपुरुष एवं आदिनारी मनु सतरूपा के वंशज महाराजा दशरथ के यहाँ अपने चार भाइयों के साथ Read more…

अतिथि लेखक/पत्रकार

सफल जीवन के लिए नई राहें बनाएं

धूप और छांव की तरह जीवन में कभी दुःख ज्यादा तो कभी सुख ज्यादा होते हैं। जिन्दगी की सोच का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि जिन्दगी में जितनी अधिक समस्याएं होती हैं, सफलताएं भी उतनी ही तेजी से कदमों को चुमती हैं। बिना समस्याओं के जीवन के कोई मायने Read more…

अतिथि लेखक/पत्रकार

हादसों एवं लापरवाही की खूनी सड़कें

‘दुर्घटना’ एक ऐसा शब्द है जिसे पढ़ते ही कुछ दृश्य आंखांे के सामने आ जाते हैं, जो भयावह होते हैं, त्रासद होते हैं, डरावने होते हैं। किस तरह लापरवाही एवं महंगी गाड़ियों को सड़कों पर तेज रफ्तार में चलाना एक फैशन बनता जा रहा है, उसकी ताजी एवं भयावह निष्पत्ति Read more…

अतिथि लेखक/पत्रकार

देश की एकता – अखंडता के लिए सिरदर्द बना रामजन्मभूमि – बाबरी विवाद 

आजादी के बाद से देश की कौमी एकता अखंडता के लिये सिरदर्द बना रामजन्मभूमि बाबरी मस्जिद का विवाद लगातार राजनैतिक महत्वाकांक्षा का शिकार बना विकास में बाधक बना हुआ है और करोड़ों रुपये सरकारी खजाने का सिर्फ इसकी सुरक्षा के नाम पर हर महीने बरबाद हो रहा है।बीच – बीच Read more…

अतिथि लेखक/पत्रकार

सबरीमाला मंदिर में प्रवेश – सरकार क़ानून बनाए

हमारे यहाँ आज से नहीं बल्कि आदिकाल से नारी को मासिक धर्म के समय अपवित्र माना जाता है और यह सही भी है कि स्त्री इस दौरान अशुद्ध रहती है। आज भी महिलाएं इस दौरान अशुद्ध रहती हैं एवं तमाम दैनिक व धार्मिक कार्य बाधित रहते हैं।नारी का जितना खून Read more…

अतिथि लेखक/पत्रकार

भ्रष्टाचार के आग़ोश में सीबीआई 

रिश्वतखोरी, भ्रष्टाचार जैसे इस दौर का शौक बन गया है और अधिकांश लोग अपने को धनवान भालाशाह साबित करने के लिए इस श्रंगार को कर रहे हैं। सभी जानते हैं कि इस देश में चंद लोगों को छोड़कर सभी लोग खूबसूरती के लिए श्रंगार जरूर करते हैं और कुछ ही Read more…

अतिथि लेखक/पत्रकार

यक़ीनी बनाएं, दोबारा ट्रेन ‘एटम बम’ न बने ! 

  इसे दुर्भाग्य ही कहा जायेगा जबकि पूरा देश नवरात्रि पर्व के दूसरे दिन विजयदशमी की खुशी में जगह जगह आयोजित होने वाले रावण वध कार्यक्रमों का आनंद से रहा था उसी बीच ऐसा तूफान आया कि देशवासियों के चेहरे की खुशी गम मे बदल गयी।जिस समय रावण का पुतला Read more…

अतिथि लेखक/पत्रकार

रामजी करेंगे बेड़ा पार, उदासी मन काहे को करे

आज विजय दशमी का पावन अवसर है और आज ही देर सबेर नारी शक्ति को अपमानित कर अधर्म अन्याय की डगर पर चलकर राक्षसराज लंकापति रावण संत महात्माओं का खून जजिया टैक्स के रूप में वसूलता था।आज हम सबसे पहले अपने सभी शुभचिंतकों पाठकों अग्रजों को असत्य पर सत्य एवं Read more…

अतिथि लेखक/पत्रकार

धरोहरों एवं पहचान के साथ राजनीति उचित नहीं

इस देश का दुर्भाग्य है कि यह आज़ादी के समय से ही संकीर्ण राजनैतिक शतरंज का मोहरा बना हुआ है और जब जिसका दिल चाहता है वह इसे राजनैतिक दाँव पर लगा देता है। संक्रीण राजनीति ही थी जिसके चलते आजाद हिन्द सरकार और आजाद हिन्द सेना के विंग कमांडर Read more…

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ए एम यू में क्यों होते हैं बार – बार विवाद ?

    सभी जानते हैं कि राष्ट्र से बड़ा कोई नहीं होता है, इसीलिए राष्ट्रीय एकता और अंखडता से कोई समझौता नहीं होता है। जो राष्ट्र विरोधी है वह देश का दोस्त नहीं बल्कि दुश्मन के समान होता है और उसके साथ मुरव्वत करना देश के साथ गद्दारी करने जैसा Read more…

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राजनीति में युवा सक्रियता के वरुण – प्रयास ?

कभी-कभी लगता है समय का पहिया तेजी से चल रहा है जिस प्रकार से घटनाक्रम चल रहा है, वह और भी इस आभास की पुष्टि करा देता है। पर समय की गति न तेज होती है, न रुकती है। हां पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव घोषित हो जाने से तथा Read more…

अतिथि लेखक/पत्रकार

मी टू की आवाज को सुनें

इन दिनों देश में नारी शक्ति की प्रतीक समझी जाने वाली देवी मां दुर्गा की उपासना हो रही है और इसी समय नारी का एक तबका यौन शोषण के मामले पर एकजुट हो रहा है। इन्हीं यौन शोषण के मामलों को उजागर करने के लिए अमेरिका में मी टू नाम Read more…

अतिथि लेखक/पत्रकार

राजनैतिक शतरंज की बिसात पर धूल- धूसरित होता विपक्षी महागठबंधन 

राजनीति उस शतरंज की उस चाल की बिसात की तरह मानी जाती है जिसमें जरा सी चूक होने पर खिलाड़ी चारोखाने चित्त हो जाता है और बना बनाया काम बिगड़ जाता है। आगामी वर्ष होने वाले लोकसभा चुनावों के मद्देनजर इधर राजनैतिक गोट बिछाकर एक दूसरे को कमजोर कर चुनावी Read more…

अतिथि लेखक/पत्रकार

गुजरात में कब तक पिटेंगे बेगुनाह ?

रोजी रोटी की तलाश में अपना घर जिला प्रदेश देश छोड़कर परदेश जाने की परम्परा आज से नहीं बल्कि आदिकाल  से चली आ रही है। लोग मजबूरी में धंधा करने अपना घर परिवार जिला देश छोड़कर जाते हैं और वहाँ की संस्कृति में रचबस ही नहीं जाते हैं बल्कि वहाँ Read more…

अतिथि लेखक/पत्रकार

नारी – अस्मिता को नई पहचान 

केरल के विख्यात सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश एवं पूजा करने रास्ता खोलकर सुप्रीम कोर्ट ने नारी की अस्मिता एवं अस्तित्व को एक नयी पहचान दी है।  बहुप्रतीक्षित फैसले में कोर्ट ने साफ कर दिया है कि यह पूजा के अधिकार के साथ ही स्त्री-पुरुष समानता के अधिकार का Read more…