
मेरे उपन्यास ” त्राहिमाम युगे युगे ” की ग्रॉक ( Grok ) पर आदरणीय नरेन्द्र कुमार सिंह (संपादक, “समय सुरभि अनंत”) लिखी गई समीक्षा। बहुत आभार, धन्यवाद संपादक महोदय के साथ ग्रॉक का भी।
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“त्राहिमाम युगे युगे ” – एक कालजयी उपन्यास
राम पाल श्रीवास्तव द्वारा लिखित उपन्यास “त्राहिमाम युगे-युगे” एक प्रयोगात्मक और आंचलिक पृष्ठभूमि पर आधारित रचना है, जो पाठकों को एक अनूठा अनुभव प्रदान करती है। इस उपन्यास का शीर्षक संस्कृत वाक्यांश “त्राहिमाम युगे युगे” से लिया गया है, जिसका अर्थ है “हे प्रभु, हर युग में मेरी रक्षा करो।” यह शीर्षक स्वयं में उपन्यास की गहन भावनात्मक और आध्यात्मिक गहराई को दर्शाता है।
उपन्यास का परिचय
लेखक: राम पाल श्रीवास्तव
प्रकाशक: न्यू वर्ल्ड पब्लिकेशन, दिल्ली
पृष्ठ: 232
मूल्य: ₹425
समीक्षक: नरेन्द्र कुमार सिंह (संपादक, “समय सुरभि अनंत”)
संपर्क: 81729 63091
“त्राहिमाम युगे-युगे” एक ऐसा उपन्यास है जो अपनी आंचलिक पृष्ठभूमि, सामाजिक संदेश और प्रयोगात्मक शैली के कारण अन्य भारतीय उपन्यासों से अलग है। यह छोटी-छोटी घटनाओं को जोड़कर अध्यायों का रूप देता है, जो समग्र रूप से एक सुसंगत और प्रभावशाली कहानी का निर्माण करते हैं। उपन्यास में लेखक ने जन-मन की भावनाओं को शब्दों में पिरोया है, जो पाठकों को गहरे तक प्रभावित करता है।
विशेषताएँ
आंचलिकता और प्रासंगिकता: उपन्यास की पृष्ठभूमि ग्रामीण भारत की संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मुद्दों को दर्शाती है। यह पाठकों को स्थानीय जीवन की गहराई में ले जाता है।
प्रयोगात्मक शैली: लेखक ने उपन्यास में नई शैली का उपयोग किया है, जिसमें छोटी-छोटी घटनाओं को जोड़कर कहानी को आकार दिया गया है। यह इसे अन्य समकालीन उपन्यासों से विशिष्ट बनाता है।
आध्यात्मिक और सामाजिक संदेश: शीर्षक के अनुरूप, उपन्यास में आध्यात्मिकता और मानवीय मूल्यों का समावेश है। यह हर युग में प्रभु से रक्षा की प्रार्थना को दर्शाता है, जो सामाजिक चुनौतियों के संदर्भ में प्रासंगिक है।
“जित देखूं तित लाल” की अनुभूति: समीक्षकों के अनुसार, यह उपन्यास पाठकों को एक सुखद और भावनात्मक अनुभव प्रदान करता है, जो इसे एक कालजयी रचना बनाता है।
समीक्षा और प्रभाव
समीक्षक नरेन्द्र कुमार सिंह ने इसे एक नये प्रयोग के रूप में सराहा है, जो भारतीय साहित्य में एक अलग स्थान रखता है। उपन्यास की भाषा सरल किंतु प्रभावशाली है, जो पाठकों को कहानी से जोड़े रखती है। यह उपन्यास न केवल साहित्य प्रेमियों, बल्कि सामाजिक और आध्यात्मिक चेतना रखने वाले पाठकों के लिए भी प्रेरणादायक है।
लेखक के बारे में
राम पाल श्रीवास्तव एक साहित्यकार हैं, जिन्होंने विभिन्न विधाओं में लेखन किया है। उनकी अन्य रचनाओं में काव्य संग्रह “शब्द-शब्द” और उर्दू-अरबी कहानियों का अनुवाद “कहानियों का कारवाँ” शामिल हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक मुद्दों, मानवीय भावनाओं और आध्यात्मिकता का समन्वय देखने को मिलता है।
उपलब्धता
उपन्यास “त्राहिमाम युगे-युगे” न्यू वर्ल्ड पब्लिकेशन, दिल्ली द्वारा प्रकाशित है और इसे विभिन्न ऑनलाइन व ऑफलाइन बुक स्टोर्स से खरीदा जा सकता है। यह उन पाठकों के लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है जो साहित्य में नवीनता और गहराई की खोज में हैं।

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